हजूर 👉लकड़ी तस्करों और अवैध शिकारियों के छक्के छुड़ाने वाले बन्नाखेड़ा के वन क्षेत्राधिकारी नवल किशोर कपिल को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य स्तर पर विशेष सम्मान से नवाजा गया। देहरादून स्थित वन भवन में आयोजित भव्य समारोह में उत्तराखंड के वन प्रमुख कपिल लाल ने नवल किशोर कपिल को उनके अदम्य साहस और उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया। मंच से जब वन प्रमुख ने उनके साहसिक अभियानों की सराहना की, तो पूरा प्रेक्षागृह तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मैदानी स्तर पर तस्करों पर कड़ा शिकंजा कसने से लेकर हरियाली की रक्षा करने में जमाई गई इस धाक की गूंज आज महकमे के हर गलियारे में सुनाई दे रही है।
हजूर 👉बन्नाखेड़ा का वन क्षेत्र हमेशा से अपनी भौगोलिक जटिलता और तस्करों की गिद्ध नजरों के कारण बेहद संवेदनशील माना जाता है, लेकिन नवल किशोर कपिल ने कमान संभालते ही अपनी जमीनी सक्रियता से पूरे इलाके का नक्शा बदल दिया। घने जंगलों में आधी रात को खुद गश्त पर निकलना, मुखबिरों का मजबूत नेटवर्क तैयार करना और अवैध कटान करने वालों को सख्त संदेश देना उनकी कार्यशैली का हिस्सा बन चुका है। सिर्फ तस्करों पर नकेल ही नहीं, बल्कि बन्नाखेड़ा के प्राकृतिक संतुलन को संवारने के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और बेजुबान वन्यजीवों के लिए सुरक्षित प्राकृतिक आवास तैयार करने में भी उन्होंने दिन-रात एक किया है।
हजूर 👉देहरादून मुख्यालय में अपने कप्तान को सम्मानित होते देख बन्नाखेड़ा के जंगलों में मुस्तैद वन आरक्षियों और दरोगाओं में जबरदस्त उत्साह और गर्व का माहौल है। विषम परिस्थितियों के बीच घने जंगलों में पहरा देने वाले फील्ड अमले का कहना है कि नवल किशोर कपिल का यह सम्मान पूरी टीम की मेहनत का फल है। इस कदम से मैदानी कर्मचारियों में यह साफ संदेश गया है कि मैदान में पसीना बहाने वालों का विभाग हमेशा पूरा सम्मान करता है। समारोह के बाद मुख्य वन संरक्षक नैनीताल डॉ. अरविन्द तेजस्विनी पाटिल, वन संरक्षक नितीश मणि त्रिपाठी और डीएफओ पुनीत तोमर समेत तमाम अधिकारियों और सहकर्मियों ने उन्हें ढेरों बधाइयां दीं।
हजूर 👉राज्य स्तर पर मिली इस बड़ी पहचान ने बन्नाखेड़ा के वनकर्मियों के भीतर एक नया जोश भर दिया है, वहीं तस्करों के खेमे में पूरी तरह से हड़कंप मचा हुआ है। आज यह खुशी केवल बन्नाखेड़ा रेंज दफ्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि उस पूरे जंगल और वन्यजीवों के बीच भी महसूस की जा रही है जिनकी सुरक्षा के लिए नवल किशोर कपिल ढाल बनकर खड़े रहते हैं। इस गौरवमयी सम्मान के बाद रेंज अफसर नवल किशोर कपिल ने स्पष्ट कर दिया है कि जंगलों की हिफाजत, अवैध गतिविधियों पर वार और पर्यावरण संरक्षण का यह अभियान आगे और भी ज्यादा सख्त, प्रभावी और आक्रामक रूप से जारी रहेगा।

