हजूर 👉 दिनदहाड़े आबादी के मुहाने पर बाघ का तांडव, घोड़े को दबोचकर जंगल में ले गया टाइगर; झूला पुल चौराहे पर दहशत
हजूर 👉 रामनगर के गर्जिया क्षेत्र में सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब एक विशालकाय बाघ आबादी से सटे इलाके में दिनदहाड़े पहुंचा और घोड़े पर हमला कर उसे अपना शिकार बना लिया। घटना झूला पुल चौराहे के समीप पूर्व में बनाए गए गर्जिया पर्यटन जोन के गेट के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 309 के आसपास की बताई जा रही है। बाघ घोड़े को दबोचकर जंगल की ओर खींच ले गया। दिन के उजाले में हाईवे और आबादी के इतने करीब बाघ की मौजूदगी ने आसपास के लोगों में दहशत पैदा कर दी।
हजूर 👉 घटना की गंभीरता इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि जिस स्थान पर बाघ ने घोड़े को निशाना बनाया, वहां दिन के समय भी लोगों और वाहनों की आवाजाही रहती है। झूला पुल चौराहा स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों की आवाजाही वाला इलाका है। ऐसे स्थान पर बाघ का अचानक प्रकट होना और शिकार को घसीटते हुए जंगल की ओर ले जाना लोगों के लिए खतरे की गंभीर चेतावनी है। आसपास मौजूद लोगों में भी इस घटना के बाद भय का माहौल देखा गया।
हजूर 👉 प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाघ ने घोड़े पर हमला करने के बाद उसे खींचकर जंगल की दिशा में ले जाने का प्रयास किया। आसपास लोगों की आवाजाही और तेज आवाजें भी सुनाई दे रही थीं। इसके बावजूद बाघ का आबादी के इतने करीब दिखाई देना वन्यजीव और इंसानी गतिविधियों के बीच बढ़ती नजदीकी को सामने लाता है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि बाघ दिनदहाड़े शिकार की तलाश में आबादी के मुहाने तक क्यों पहुंच रहा हैं
हजूर 👉 घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग सक्रिय हुआ और क्षेत्र में गश्त तथा निगरानी बढ़ा दी गई। रामनगर वन प्रभाग के रेंज अधिकारी कृष्णा सिंह मेहरा ने बताया कि वन विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही हैं और बाघ की लोकेशन ट्रेस करने के प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग ने लोगों से जंगल और उसके आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है। विशेष रूप से झूला पुल की ओर अनावश्यक आवाजाही न करने की सलाह दी गई है।हजूर 👉 राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी इंसान के घायल होने की सूचना सामने नहीं आई है, लेकिन खतरा टला नहीं है। जिस जगह बाघ ने घोड़े का शिकार किया, वहां लोगों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में बाघ अगर दोबारा शिकार या भोजन की तलाश में आबादी की ओर आता है तो स्थिति गंभीर हो सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बाघ की गतिविधियां लगातार सामने आ रही हैं, इसलिए वन विभाग को संवेदनशील इलाकों में गश्त और निगरानी और मजबूत करने की जरूरत है।
हजूर 👉 जंगल जासूस की नजर में यह सिर्फ एक घोड़े के शिकार की घटना नहीं, बल्कि आबादी और जंगल के बीच बढ़ती दूरी का संकेत है। जंगल का बाघ जब दिन के उजाले में हाईवे और आबादी के मुहाने तक पहुंचकर शिकार करने लगे तो इसे हल्के में लेना ठीक नहीं होगा। फिलहाल वन विभाग बाघ की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। अब देखना होगा कि बाघ की लोकेशन कितनी जल्दी ट्रेस होती है और लोगों की सुरक्षा के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं। संदेश साफ है, बाघ दिखे तो रोमांच नहीं, दूरी बनाइए, क्योंकि जंगल में उसकी चाल तेज है और इंसान की एक छोटी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है।

