जंगल जासूस 👉
हजूर 👉30 कुंतल खैर पकड़ी👉 मगर कटी कहाँ से?
हजूर 👉 तराई पश्चिमी वन प्रभाग, रामनगर के काशीपुर क्षेत्र में 08 सितंबर 2026 को वन विभाग ने मुखबिर की खास सूचना पर औचक छापामारी कर करीब 30 कुंतल खैर प्रकाष्ठ बरामद कर लिया। प्रभागीय वनाधिकारी एवं उप प्रभागीय वनाधिकारी के निर्देशन में तथा रामनगर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी शेखर तिवारी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में रामनगर रेंज के वनकर्मियों और वन सुरक्षा बल के जवानों ने सक्रिय भूमिका निभाई। बरामद खैर को नियमानुसार कब्जे में लेकर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यानी खैर की खेप तो हाथ लग गई, लेकिन इसके साथ ही हजूर का सवाल भी खड़ा हो गया👉आखिर 30 कुंतल खैर कटी कहाँ से थी?
हजूर 👉 काशीपुर क्षेत्र में इतनी बड़ी मात्रा में खैर की बरामदगी ने कहानी को और दिलचस्प बना दिया है। अब सवाल लकड़ी पकड़े जाने का नहीं, बल्कि उसके स्रोत का है। क्या यह लकड़ी किसी वैध निजी स्रोत से आई थी और उसके पास जरूरी अभिवहन दस्तावेज थे, या फिर कहीं जंगल में पेड़ काटकर इसे यहां तक पहुंचाया गया? व्यंग्य में पूछें तो क्या खैर खुद चलकर काशीपुर पहुंची या उसे कोई बाकायदा रास्ता दिखाकर लाया गया? यदि जांच में अवैध कटान का तथ्य सामने आता है तो फिर सवाल और भी सीधा होगा👉कौन-सी बीट, कौन-सा वनखंड और कौन-सा ठूंठ इस 30 कुंतल खैर की कहानी बता रहा है?
हजूर 👉 पिछले वर्षों में भी तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अलग-अलग इलाकों से खैर, सागौन, शीशम और यूकेलिप्टस की लकड़ी पकड़े जाने की खबरें सामने आती रही हैं। कभी गिल्टे पकड़े गए, कभी ट्रैक्टर-ट्रॉली, कभी चारपहिया वाहन तो कभी बाइकें कार्रवाई की जद में आईं। 2025 में खैर की बड़ी बरामदगी के मामले सामने आए और 2026 में भी खैर के गिल्टों तथा कथित अवैध कटान से जुड़े मामले रिपोर्ट हुए। अब 30 कुंतल खैर की यह नई बरामदगी उसी कहानी में एक और अध्याय जोड़ रही है। सवाल फिर वही है👉बरामदगी तो बार-बार होती है, मगर पकड़ी गई खैर का स्रोत कितने मामलों में सामने आया?
हजूर 👉 फिलहाल रेंजर शेखर तिवारी के नेतृत्व वाली रामनगर रेंज की टीम और वन सुरक्षा बल ने काशीपुर में कार्रवाई कर खैर की खेप पकड़ ली है। अब इस मामले में नजर इस बात पर रहेगी कि जांच लकड़ी के ढेर से पीछे जाकर उसके स्रोत तक पहुंचती है या नहीं। 30 कुंतल खैर किस जंगल, किस बीट या किस स्रोत से निकली और काशीपुर तक किस रास्ते पहुंची, यही इस पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल है। फिलहाल विभागीय कार्रवाई जारी है और किसी व्यक्ति अथवा संस्था की भूमिका पर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही निकलेगा। लेकिन सवाल अपनी जगह कायम है?
हजूर 👉खैर तो पकड़ ली साहब👉हजूर 👉मगर कटी कहाँ से?”



