जंगल जासूस 👉
हजूर 👉लाखों की लकड़ी बरामद, चालक फरार👉कंटेनर खुलते ही सामने आया जंगल की लकड़ी का खेल?
हजूर 👉 तराई के जंगलों से कथित लकड़ी तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने किच्छा-लालकुआं नेशनल हाईवे पर बड़ा शिकंजा कसा। शांतिपुरी वन बैरियर के पास सुबह करीब साढ़े छह बजे वनकर्मियों ने एक संदिग्ध कंटेनर को रोक लिया। कंटेनर का नंबर UK06 CB 1564 बताया गया। कार्रवाई के दौरान डीएफओ दीपक कुमार, एसडीओ अनिल कुमार जोशी और डौली रेंज के वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप कुमार पंत के निर्देशन में टीम ने वाहन को घेर लिया।
हजूर 👉 वन विभाग की टीम को देखते ही चालक के तेवर बदल गए। बताया गया कि उसने वाहन रोककर मौका देखा और अचानक दरवाजा खोलकर झाड़ियों की तरफ दौड़ लगा दी। वनकर्मियों ने उसका पीछा भी किया, लेकिन धुंध और झाड़ियों का फायदा उठाकर चालक जंगल की तरफ फरार हो गया। चालक भले ही हाथ नहीं आया, लेकिन उसके पीछे छूटा कंटेनर वन विभाग के कब्जे में आ गया।
हजूर 👉 इसके बाद कंटेनर के दरवाजे खुले तो कार्रवाई की असली कहानी सामने आई। विभाग के अनुसार कंटेनर के भीतर भारी मात्रा में मिश्रित सोख्ता लकड़ी ठूंस-ठूंसकर भरी हुई थी। बाहर से सामान्य दिख रहा कंटेनर अंदर से लकड़ी की बड़ी खेप से लदा था। तलाशी के दौरान लकड़ी के संबंध में वैध दस्तावेज अथवा ट्रांजिट पास नहीं मिलने की बात विभाग ने कही है।
हजूर 👉 दस्तावेज नहीं मिलने के बाद वन विभाग ने लकड़ी समेत कंटेनर को सीज कर दिया। विभागीय जानकारी के मुताबिक मामले में भारतीय वन अधिनियम, 1927 तथा संबंधित संशोधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। सीज कंटेनर को डौली रेंज, लालकुआं के सुरक्षित परिसर में खड़ा कराया गया है। अब जांच की दिशा इस बात पर है कि लकड़ी कहां से लादी गई और इसे कहां पहुंचाया जाना था।
हजूर 👉 इस कार्रवाई में वन दरोगा पान सिंह मेहता, वन बीट अधिकारी जीवन आर्य, वन बीट अधिकारी हरेंद्र, शाहिद बेग, कमल भाकुनी और मनोहर सिंह शामिल रहे। टीम की सतर्कता के चलते कथित तस्करी की खेप रास्ते में ही पकड़ ली गई। हालांकि चालक के फरार होने से जांच का सबसे अहम सिरा अभी बाकी है।
हजूर 👉 अब वन विभाग के सामने असली चुनौती कंटेनर पकड़ने से आगे की है👉चालक कौन है, लकड़ी का स्रोत क्या है और इस खेप के पीछे कौन लोग हैं? इन सवालों के जवाब सामने आने के बाद ही पूरे नेटवर्क की तस्वीर साफ होगी। फिलहाल कंटेनर वन विभाग के कब्जे में है और चालक की तलाश की जा रही है। कार्रवाई ने इतना जरूर संकेत दिया है कि तराई के हाईवे पर लकड़ी की संदिग्ध आवाजाही पर विभाग की निगाह अब और पैनी हो गई है।



