हजूर 👉 जंगल के राजा की ग्रैंड ‘चिकन पार्टी’👉 पौड़ी के मुर्गी फार्म में घुसे गुलदार ने उड़ाया 60 मुर्गों का ‘बुफे’👉 रेस्क्यू करने पहुंची टीम को भी चटाई धूल!

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जंगल जासूस 👉

हजूर 👉 जंगल के राजा की ग्रैंड ‘चिकन पार्टी’👉 पौड़ी के मुर्गी फार्म में घुसे गुलदार ने उड़ाया 60 मुर्गों का ‘बुफे’👉 रेस्क्यू करने पहुंची टीम को भी चटाई धूल!

हजूर 👉 पौड़ी विकासखंड के मासों तल्ला गांव में गुरुवार की अल सुबह कुछ ऐसा घट गया कि पूरे इलाके की नींद झटके में उड़ गई और अजीबोगरीब हड़कंप मच गया। हुआ यूं कि जंगल के रूखे-सूखे खाने से तंग आकर एक गुलदार महाराज ने अपने टेस्ट बड बदलने का मन बनाया। तड़के की ठंडी हवा में शिकार की खुशबू सूंघते हुए गुलदार जी सीधे गांव की बस्ती में दाखिल हुए और उनकी नजर जाकर टिकी एक पोल्ट्री फार्म पर। फिर क्या था, बिना किसी गेट पास के, जाली फांदकर गुलदार साहब सीधे मुर्गी बाड़े के भीतर लैंड कर गए।

हजूर 👉 बाड़े का दरवाजा बंद था और अंदर ताज़े, सेहतमंद मुर्गों का पूरा खजाना! गुलदार के लिए तो यह किसी 5-स्टार होटल के अनलिमिटेड ‘चिकन बुफे’ जैसा नजारा था। तेंदुए ने बिना किसी औपचारिकता के तुरंत अपनी दावत शुरू कर दी। बाड़े के भीतर पंखों का तूफान, मुर्गों की चीख-पुकार और गुलदार के डकार की आवाज से पूरा इलाका गूंज उठा। बिन बुलाए इस वीआईपी मेहमान ने एक-दो नहीं, बल्कि एक ही बैठक में पूरे 60 मुर्गों को अपनी दावत का शिकार बना डाला और पेट फूलने तक आराम से दावत उड़ाई।

हजूर 👉 सुबह-सुबह बाड़े से आ रही अजीबोगरीब आफ़त भरी आवाजें सुनकर जब फार्म मालिक की नींद खुली, तो वे टॉर्च लेकर बाहर भागे। लेकिन बाड़े के भीतर का नजारा देखते ही उनके तोते उड़ गए। अंदर गुलदार आराम से मुर्गों की बलि चढ़ाकर अपनी मूंछें पोंछ रहा था। मालिक के हक्के-बक्के होकर शोर मचाने पर पूरे गांव में खबर ऐसे फैली जैसे कोई नया सिनेमा हॉल खुल गया हो। देखते ही देखते पूरा गांव जमा हो गया। लोग छतों पर, पेड़ों की डालियों पर और बाउंड्री वॉल पर चढ़कर इस अनोखी ‘चिकन पार्टी’ का लाइव शो देखने लगे। हर किसी के दिल में खौफ तो था, लेकिन नजारा पूरी तरह से फिल्मी बन चुका था।

हजूर 👉 मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को फोन घुमाया। वन विभाग के रेंजर नक्षत्र शाह की अगुवाई में रेस्क्यू टीम बंदूक, जाल और पिंजरा लेकर हीरो की स्टाइल में गांव पहुंची। लेकिन असली ट्विस्ट तो अभी बाकी था! पेट भरकर सुस्ता रहा और बाहर जमा भारी भीड़ के शोर-शराबे से परेशान गुलदार महाराज को यह दखलंदाजी बिल्कुल पसंद नहीं आई। जैसे ही वनकर्मियों ने बाड़े के करीब जाकर उसे ट्रेंकुलाइज करने यानी बेहोशी का इंजेक्शन देने का दांव खेला, गुलदार ने ‘मुझे तंग मत करो’ वाले तेवर दिखाते हुए बिजली की फुर्ती से टीम पर ही हमला बोल दिया। इस अचानक हुई हाथापाई में वन विभाग के दो कर्मचारियों को गुलदार के पंजों का स्वाद चखना पड़ा और बेचारों को अपनी ड्यूटी का इनाम पौड़ी अस्पताल के वार्ड में भर्ती होकर पाना पड़ा।

हजूर 👉 गांव के बड़े-बुजुर्गों का कहना है कि यह गुलदार साहब का कोई पहला दौरा नहीं है। करीब चार महीने पहले भी इन्होंने इसी इलाके में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी। लेकिन इस बार तो उन्होंने पोल्ट्री फार्म के मालिक का बजट पूरी तरह से बिगाड़ दिया है। मालिक समझ ही नहीं पा रहे कि मुर्गों के जाने का गम मनाएं या तेंदुए की इस भयानक डाइट पर माथा पकड़ें!

हजूर 👉 फिलहाल स्थिति को संभालने के लिए रेंजर नक्षत्र शाह ने दूसरी बैकअप टीम को भी मौके पर बुला लिया है। वन अधिकारियों ने गांव वालों से हाथ जोड़कर विनती की है कि मेहरबानी करके इस ‘फ्री वाइल्डलाइफ शो’ के दर्शक बनना बंद करें और बाड़े के आसपास से भीड़ छांटें। प्रशासन का कहना है कि माहौल थोड़ा शांत होते ही, पेट भरे और गुस्सैल गुलदार जी को लोरी सुनाकर (ट्रेंकुलाइज करके) सुरक्षित पिंजरे में बंद किया जाएगा और वापस घने जंगलों में रवाना कर दिया जाएगा।

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