हजूर 👉धमाका! 👉बाजपुर में तस्करों का हाई-वोल्टेज ड्रामा, वन विभाग के छापे में सागौन और खैर के 83 लट्ठे बरामद, देखें वायरल वीडियो का पूरा सच?

 

 

 

 

जंगल जासूस 👉

हजूर 👉धमाका! 👉बाजपुर में तस्करों का हाई-वोल्टेज ड्रामा, वन विभाग के छापे में सागौन और खैर के 83 लट्ठे बरामद, देखें वायरल वीडियो का पूरा सच?

हजूर👉उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के बाजपुर क्षेत्र में स्थित पहाड़ी कॉलोनी इन दिनों एक सनसनीखेज और फिल्मी अंदाज में हुए वन विभाग के छापे को लेकर पूरे इलाके में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। तराई केंद्रीय वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी उमेश तिवारी के नेतृत्व में विभाग ने जिस दृढ़ इच्छाशक्ति और त्वरित रणनीति का परिचय दिया, उसने साफ कर दिया कि अपराधियों के कितने भी बड़े नेटवर्क हों, कानून का शिकंजा उनसे बड़ा है। इस पूरी कार्रवाई ने तस्करों के हौसलों की पोल खोलकर रख दी है, साथ ही यह साबित कर दिया है कि किस प्रकार वन संपदा के अवैध कारोबार से जुड़े लोग कानून की परवाह किए बिना किसी भी हद तक जा सकते हैं।

हजूर👉 घटना की शुरुआत इक्कीस अक्टूबर दो हजार छब्बीस की रात लगभग नौ बजे हुई, जब एक मुखबिर ने प्रभागीय वनाधिकारी उमेश तिवारी के मार्गदर्शन में तराई केंद्रीय वन प्रभाग के अधिकारियों को बेहद गोपनीय और सटीक सूचना दी। मुखबिर ने बताया कि बाजपुर की पहाड़ी कॉलोनी में हितेश भटनागर नामक व्यक्ति के परिसर में खैर की लकड़ी से लदा हुआ एक पिकअप वाहन खड़ा है और उसके गोदाम के भीतर भारी मात्रा में अवैध लकड़ी का बड़ा जखीरा डंप किया गया है। सूचना मिलते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया क्योंकि मामला केवल लकड़ी छिपाने का नहीं बल्कि एक बड़े और संगठित तस्कर नेटवर्क का लग रहा था।

हजूर👉 जैसे ही यह संवेदनशील सूचना प्रभागीय वनाधिकारी उमेश तिवारी तक पहुंची, उन्होंने तत्काल एक अचूक एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उनके स्पष्ट निर्देश मिलते ही रुद्रपुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी लक्ष्मण सिंह बिष्ट ने तुरंत अपनी टीम को एक्टिव किया और रुद्रपुर रेंज के स्टाफ तथा पीपलपड़ाव रेंज के पूरन जोशी मय रात्रि गश्ती दल को मौके के लिए रवाना किया गया। चूंकि तस्करों के विरोध की पूरी आशंका थी, इसलिए रणनीति के तहत बरहनी रेंज और तराई पश्चिमी वन प्रभाग की बन्नाखेड़ा रेंज के कर्मचारियों को भी इस संयुक्त कार्रवाई में शामिल होने के लिए निर्देशित किया गया, जिसके बाद वन कर्मियों ने पहाड़ी कॉलोनी स्थित उस संदिग्ध गोदाम को चारों तरफ से घेर लिया।

हजूर👉 जैसे ही वन विभाग की टीम ने गोदाम के भीतर कदम रखा, वहां मौजूद उपद्रवियों ने वर्दी की गरिमा को ताक पर रखकर सीधा हमला बोल दिया। इस दौरान रुद्रपुर रेंज के वन दरोगा सुरेंद्र सिंह ने अद्वितीय और अदम्य साहस का परिचय देते हुए सीधे तस्करों से मोर्चा लिया। उनका तस्करों से भीड़ते हुए का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे अकेले ही पूरी निडरता के साथ बदमाशों का मुकाबला करते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। जब तस्करों को यह महसूस हुआ कि वे कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएंगे, तो उन्होंने गोदाम के अंदर रखी सागौन की लकड़ी के ऊपर पेट्रोल उड़ेलकर उसमें आग लगा दी, ताकि लाखो की वन संपदा जलकर खाक हो जाए। मौके पर मौजूद वन कर्मियों ने तुरंत आग पर काबू पाया और आपातकालीन नंबर एक सौ बारह पर कॉल कर पुलिस की मदद मांगी, जिसके बाद स्थानीय थाना पुलिस के पहुंचते ही गोदाम में मौजूद दस से अधिक दबंग तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

हजूर👉मामले की नजाकत को देखते हुए प्रभागीय वनाधिकारी उमेश तिवारी ने खुद पूरे ऑपरेशन की कमान संभाली और उनके कड़े निर्देशों के बाद टांडा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी रूप नारायण गौतम तथा गदगदिया रेंज के वन क्षेत्राधिकारी दिग्विजय जोशी अपने भारी-भरकम दल-बल के साथ घटनास्थल पर जा पहुंचे। इसके बाद गोदाम की गहनता से तलाशी ली गई, जिसमें सागौन के अट्ठाईस लट्ठे विभिन्न मापों में और खैर के पचपन लट्ठे छिली हुई अवस्था में बरामद किए गए। हैरान करने वाली बात यह थी कि लकड़ी मापने के लिए गोदाम के भीतर ही एक बड़ा तोल कांटा भी रखा हुआ था, जो एक संगठित अवैध कारोबार का खुला प्रमाण था। कुल तिरासी लट्ठे बरामद कर तीन पिकअप वाहनों के जरिए निकटवर्ती वन चौकी सुरक्षित भिजवाए गए।

हजूर👉यह मैराथन छापेमारी कार्रवाई इक्कीस अक्टूबर की रात दस बजकर इक्कीस मिनट पर शुरू हुई थी और प्रभागीय वनाधिकारी उमेश तिवारी के लगातार दिशा-निर्देशन में अगले दिन यानी बाईस अक्टूबर की सुबह तीन बजकर दस मिनट पर समाप्त हुई। इस जोखिम भरे अभियान में टांडा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी रूप नारायण गौतम व वन दरोगा राकेश पंत,

हजूर 👉रुद्रपुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी लक्ष्मण सिंह बिष्ट, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में तस्करों से वीरतापूर्वक भीड़ते नजर आने वाले जांबाज वन दरोगा सुरेंद्र सिंह, वन आरक्षी आनंद पाल व पंकज गहतौड़ी, पीपलपड़ाव रेंज के वन क्षेत्राधिकारी पी.सी. जोशी, सुमेर सिंह, अनिल पाठक, राजू सिंह, दिनेश चंद पाठक व कमलेश पाण्डे, बरहनी रेंज के वन दरोगा ठाकुर दत्त ध्यानी, ऋतिक कुमार चौहान व जगमोहन, गदगदिया रेंज के वन क्षेत्राधिकारी दिग्विजय जोशी मय स्टाफ, तथा बन्नाखेड़ा रेंज के वन आरक्षी दिनेश सिंह नेगी व मोनू ने पूरी मुस्तैदी से अपनी भूमिका निभाई। इस पूरी घटना के बाद कड़े तेवर दिखाते हुए प्रभागीय वनाधिकारी उमेश तिवारी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि अब तस्करों की बारी नहीं है, अब वन विभाग की बारी है और जंगलों को उजाड़ने वालों का अगला ठिकाना अब सिर्फ और सिर्फ जेल होगा।

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